असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के विधायकों की गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बिहार की सियासत एकबार फिर गरमा गई है। मुलाकात के बाद कयासों के दौर शुरू हो गए हैं। हालांकि एआईएमआईएम विधायक दल के नेता अख्तरुल ईमान ने कहा कि वह अल्पसंख्यकों के मुद्दे के साथ सीमांचल की समस्याओं और वहां के विकास को लेकर विधायकों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गए थे।

गुरुवार को लोजपा विधायक राजकुमार सिंह भी सीएम से मिले। उनका भी यही कहना है कि अपने क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। गौरतलब है कि इससे पहले जदयू में शामिल हुए बसपा विधायक जमा खां भी अपनी पूर्व की मुलाकातों को क्षेत्र के विकास को लेकर मिलने का बयान दिए थे।

अख्तरुल ईमान ने कहा कि हम विधायक हैं और हमारी पार्टी के बाकी विधायक भी सीमांचल से आते हैं। नीतीश कुमार सूबे के मुख्यमंत्री हैं। हम सभी विधायक के नाते मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। सीमाचांल में कटाव कई वर्षों से एक बड़ी समस्या है। कटाव से हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। अब तक उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हो पाई है।

जनप्रतिनिधि होने के नाते हमलोग सीमांचल की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने सीमांचल के इलाके में अच्छा प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत का परचम लहराया था।

लोजपा विधायक भी मुख्यमंत्री से मिले

लोजपा के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। दो दिनों पहले राजकुमार सिंह शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से उनके आ‌वास पर मिले थे। दोनों नेताओं से उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारे में खूब चर्चा हो रही है। हालांकि राजकुमार सिंह ने कहा है कि इन मुलाकातों को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। अपने क्षेत्र के विकास को लेकर वे मुख्यमंत्री से मिले हैं। मुख्यमंत्री ने भी उनके द्वारा उठाए गए विषय पर शीघ्र कार्य का आश्वासन दिया है।

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