पटना. जनता दल यूनाइटेड के पूर्व नेता और चुनावी रणनीतिकार के तौर पर प्रसिद्ध प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा. प्रशासन ने उनके बक्सर स्थित घर की चारदीवारी को तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि प्रशासन की यह कार्रवाई अधिग्रहण के चलते की है. जानकारी के अनुसार चारदीवारी के साथ ही घर के ब्रह्म स्‍थान को भी पूरी तरह से तोड़ दिया गया है. फिलहाल प्रशांत किशोर की तरफ से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

जानकारी के अनुसार एन एच 84 को फोर लेन किए जाने का कार्य किया जा रहा है. इसके चलते भूमि अधिग्रहित की गई है. इसी के तहत प्रशांत किशोर के घर की चारदीवारी और ब्रह्म स्‍थान को ध्वस्त किया गया है.

आसपास के लोगों की भीड़ लगी
जैसे ही प्रशासनिक अधिकारी सरकारी लवाजमे के साथ प्रशांत किशोर के घर के बाहर पहुंचे तो लोगों की भीड़ वहां पर लग गई. प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए काम किया और सिर्फ दस से पंद्रह मिनट के अंदर ही किशोर के घर की चारदीवारी और गेट को तोड़ दिया. इस दौरान प्रशासन के इस कार्य का किसी ने विरोध नहीं किया. हालांकि लोगों के बीच यह चर्चा की बात जरूर रही कि आखिर प्रशांत कि घर की दीवार को क्यों तोड़ा गया लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिग्रहण की बात को स्पष्ट कर दिया.

पुश्तैनी मकान है 
प्रशांत किशोर का ये पुश्तैनी मकान है. इसका निर्माण उनके पिता श्रीकांत पांडेय ने करवाया था, हालांकि प्रशांत अब यहां पर नहीं रहते हैं. प्रशासन को अनुसार एनएच 84 के फोर लेन किए जाने के दौरान इस भूमि को अधिग्रहित कर लिया गया था. लेकिन प्रशांत किशोर ने इसका मुआवजा अभी तक नहीं लिया है.

उल्लेखनीय है कि कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी प्रशांत किशोर को उनकी राणनीतिकार की भूमिका के लिए जाना जाता है. वे जेडीयू में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. बिहार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया था लेकिन एनआरसी के मुद्दे पर उनके और सीएम के बीच मतभेद हुए.

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