आजम खान की तबीयत बिगड़ी मेदांता अस्पताल पहुंचे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सांसद मोहम्मद आजम खान की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सीतापुर जेल से वापस लखनऊ के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज आजम खान से मिलने के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचे हैं. आजम खान का ऑक्सीजन स्तर गिरकर 88 पर आ गया था जिसकी वजह से उन्हें एक बार फिर जेल से अस्पताल शिफ्ट किया गया. आपको बता दें कि सपा नेता हाल ही में कोविड-19 से ठीक हुए थे और कई दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने के बाद उन्हें पिछले सप्ताह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. 

सीतापुर जिला अस्पताल के डॉक्टर डी. लाल ने बताया कि सोमवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों की एक टीम खान का इलाज करने सीतापुर जेल पहुंची. खान ने 30 अप्रैल को कोविड के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था. भले ही 1 जून को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन उन्हें अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया और कई दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया. 

बाद में उन्हें 13 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और उन्हें जेल ले जाया गया. उत्तर प्रदेश के रामपुर के सांसद खान फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद थे, उनके खिलाफ सौ से अधिक मामले दर्ज हैं. इसके पहले सपा नेता आजम खान मई महीने की शुरुआत में कोविड पॉजिटिव हुए थे. 72 वर्षीय मोहम्मद आज़म खान और उनके 30 वर्षीय सुपुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला खान कोरोना संक्रमण के कारण मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में इलाज के लिए भर्ती हुए थे. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल की ओर से जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि सपा सांसद आजम खां की तबियत फिर से बिगड़ी, उन्हें दोबारा आईसीयू में शिफ्ट किया गया है.

आजम खान के फेफड़ों में पोस्ट कोविड फाइब्रोसिस, कैविटी और चेस्ट इन्फेक्शन पाया गया. उनको 3-4 लीटर ऑक्सीजन रिक्वायरमेंट के साथ आईसीयू में रखा गया. उनकी तबियत अभी भी क्रिटिकल है लेकिन नियंत्रण में है, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम पल-पल की निगरानी कर रही है. वहीँ हॉस्पिटल ने उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला का भी हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि  उनकी  स्थिति अभी संतोषजनक है, उन्हें भी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. वार्ड में उनका भी इलाज मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ की क्रिटिकल केयर टीम के डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है.

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