केरल हाई कोर्ट ने लक्षद्वीप की फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ दर्ज राजद्रोह केस में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. आयशा ने याचिका में अपने खिलाफ कवरत्ती पुलिस द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी. शुक्रवार को याचिका पर विचार करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच शुरुआती चरण में है और जांच के लिए अधिक समय की जरूरत पड़ सकती है.

कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने लक्षद्वीप प्रशासन को भी निर्देश दिया है कि वह जांच की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए. मामले की सुनवाई के दौरान लक्षद्वीप प्रशासन के वकील ने याचिका का विरोध किया और कोर्ट को बताया कि मामले की जांच शुरुआती चरण में है. पिछले सप्ताह हाई कोर्ट ने आयशा को मामले में अग्रिम जमानत दी थी.

अग्रिम जमानत देते हुए जस्टिस अशोक मेनन ने कहा था कि उनके बयान में ऐसा कुछ भी नहीं दिखता है जो राष्ट्रीय हित के खिलाफ हो और ना ही इससे किसी व्यक्ति या किसी समूह के खिलाफ मालूम पड़ता है. अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद आयशा ने कहा था कि उन्होंने अबतक देश के खिलाफ कुछ नहीं किया है और तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगी जब तक द्वीपवासियों को इंसाफ नहीं मिल जाता.

बीजेपी नेता ने दर्ज कराई थी शिकायत

आयशा सुल्ताना के खिलाफ बीजेपी नेता अब्दुल खादर ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद 9 जून को कवरत्ती पुलिस ने आयशा के खिलाफ धारा 124-ए (राजद्रोह) और 153-बी (हेट स्पीच) के तहत मामला दर्ज किया था. खादर ने अपनी शिकायत में कहा था कि एक मलयालम चैनल पर चर्चा के दौरान सुल्ताना ने कथित तौर पर कहा कि केंद्र ने लक्षद्वीप में कोविड-19 के प्रसार के लिए जैविक हथियारों का उपयोग किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सुल्ताना का कृत्य राष्ट्र विरोधी है और इससे केंद्र सरकार की ‘देशभक्त छवि’ धूमिल हुई है.

केस दर्ज होने के बाद पिछले सप्ताह कवरत्ती पुलिस ने सुल्ताना से तीन दिन पूछताछ की थी. पिछले बुधवार को करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद सुल्ताना ने कहा था कि पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या विदेशों में भी उनके संपर्क सूत्र हैं. मीडिया को जारी वीडियो में उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे वाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट की जांच की. वे तलाश कर रहे थे कि क्या विदेशों में भी मेरे संपर्क हैं.”

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

The world is about to receive just the news it needs. My team and I believe that journalism can change the world and we are on a mission to ensure that this happens.

Leave a comment