राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांगियासर गाँव के रायमाता मंदिर की जमीन से रास्ता खुला रखने की बात को लेकर दिन भर तनाव की स्थिति बनी रही। महंतों ने मंदिर की जमीन में तारबंदी कर रास्ता बंद कर दिया था, लेकिन प्रशासन ने उसे हटवा दिया .

मंदिर के महंत दशमगिरी ने आरोप लगाया कि मंडावा विधायक रीटा चौधरी के दबाव में प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने गांगियासर के 9 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार भी किया है। बताया जा रहा है कि मंदिर के महंत दशमगिरी व अन्य लोग मंदिर की जमीन पर पूर्णतया तारबंदी के पक्ष में थे। वहीं गाँव के कुछ लोगों की रास्ता बंद होने को लेकर आपत्ति थी। 

मामले को निपटाने के लिए एसडीएम शकुंतला चौधरी, डीएसपी भंवरलाल, तहसीलदार बबीता, नायब तहसीलदार जगदीशप्रसाद मीणा, थानाधिकारी रिया चौधरी, मलसीसर एसएचओ मुकेश कुमार के अलावा बगड़ व मंडावा एसएचओ तथा पुलिस लाइन से पर्याप्त जाप्ता गाँव पहुँच गया। प्रशासन ने मंदिर के महंत दशमगिरी, बिसाऊ गणेशनाथ आश्रम के महंत रविनाथ व मंदिर कमेटी के अन्य सदस्यों से चर्चा की लेकिन बात नहीं बनी।

पूरे घटनाक्रम को लेकर महंत दशमगिरी ने जहाँँ प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगाया है, वहीं गणेशनाथ आश्रम बिसाऊ के महंत रविनाथ ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पूरी कार्रवाई विधायक रीटा चौधरी व जिला कलेक्टर के दबाव में की है।

जिले के आला अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल दिन भर मंदिर परिसर में तैनात रहे। वहीं पुलिस प्रशासन के अधिकारी दिन भर गुप्त बैठकें करते रहे। मौके पर पहुँचे एडीएम गौड़ भी पूरे मामले में चुप्पी साधे रहे

वही अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के तरफ़ से आरोप लगाया गया कि महंतो ने आम रास्ते पर तारबंदी कर क़ब्ज़ा कर लिया गया है जब पर्शासन को इस बाबत अवगत करवाया गया तो उन्हें रास्ता खुलवाया लेकिन फिर बहुसंख्यक समाज के कुछ लोगों ने गाँव में सम्प्रदायक तनाव बढ़ाने की कोशिश की तो 9 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया।

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