केंद्रीय गृह मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने मिशन असम पर सूबे की जनता से पांच साल और मांगे हैं। रविवार को कोकराझार में आयोजित जन सभा के दौरान उन्होंने कहा, “आप भाजपा को और पांच साल दीजिए, हमें आपको हिंसामुक्त, घुसपैठमुक्त और बाढ़-मुक्त असम देंगे।

कोकराझार में शाह ने कहा- कांग्रेस ने विभिन्न उग्रवादी संगठनों के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, पर वह अपने वादों को निभाने में नाकाम रही। वह हिंसा रोकने में भी नाकाम रही और शांति नहीं ला सकी। ‘‘पर वह हमें सलाह देने से बाज नहीं आ रही।’’ मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि उसने अपने शासन काल के दौरान शांति एवं विकास के लिए क्या किया था? प्रधानमंत्री (मोदी) ने वादे किये और उन्हें पूरा किया। हमने बहुत हिंसा देखी है, जब शांति और विकास का वक्त है।

वहीं, नलबाड़ी की रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठजोड़ असम में सत्ता में आता है तो ये दल घसुपैठियों का स्वागत करने के लिए ‘‘सारे द्वार’’ खोल देंगे। कांग्रेस शासन ने सिर्फ खूनखराबा दिया है, जिसमें हजारों युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

बकौल शाह, ‘‘क्या कांग्रेस और बदरूद्दीन अजमल असम को घुसपैठ से मुक्त रख पाएंगे? यदि वे सत्ता में आते हैं, तो वे उनका स्वागत करने के लिए सारे दरवाजे खोल देंगे क्योंकि यह उनका वोट बैंक है।

उधर, AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने शाह पर पलटवार में बड़ा दावा किया। कहा, “भाजपा अगर 2024 के आम चुनाव में जीतकर फिर सत्ता में आ गई, तब वह देश में 3500 मस्जिदों को ढहा देगी।”

धुबरी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले गौरीपुर में उन्होंने बुधवार को यह बयान दिया था। कहा था, “BJP ने 3500 मस्जिदों को देश भर में चिह्नित कर रखा है। अगर साल 2024 में भाजपा की सरकार आ जाती है, तब वे इन धर्मस्थलों को ढहा देंगे।”

अजमल ने यह भी कहा कि कुरान में तीन तलाक को स्वीकृति मिलती है, पर नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे खत्म कर दिया। चेताते हुए इस संदर्भ में कहा- अगर भाजपा की सूबे की सत्ता में आ गई, तब वह यह सुनिश्चित करेगी कि महिलाएं बुर्का न पहन सकें। मुस्लिम लोग दाढ़ी न बढ़ा पाएं और पारपंरिक बड़ी टोपियां भी न पहन सकें।

बता दें कि असम विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। कांग्रेस ने इसके लिए एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा(एमएल) और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के साथ गठजोड़ किया है।

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