नई दिल्‍ली. कश्‍मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी (Asiya Andrabi) के खिलाफ दिल्‍ली की एनआईए कोर्ट (NIA Court) ने देशद्रोह, आतंकवाद और अन्‍य गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं. इसी मामले में उसकी दो महिला सहयोगी भी आरोपी हैं. इन तीनों पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश का मुकदमा चलेगा. वहीं, यह पूरा मामला पाकिस्‍तान और आतंकी संगठनों से मदद के जरिए भारत के खिलाफ जंग छेड़ने से जुड़ा है. एनआईए स्‍पेशल जज प्रवीण सिंह ने आसिया अंद्राबी और उसकी दो सहयोगियों (सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन) के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं और यूएपीए (UAPA) के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं.

एनआईए कोर्ट ने अंद्राबी और उनकी सहयोगियों (सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन) पर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (UAPA) के तहत और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया था. अदालत ने आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने), 121 ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 124 ए (राजद्रोह), 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच रंजिश बढ़ाने), 153 बी (राष्ट्रीय अखंडता के खिलाफ बयानबाजी) और 505 (शांति भंग करने के लिए आपत्तिजनक बयान) के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे.

गंभीर धाराओं में केस के आदेश

अदालत ने यूएपीए की धारा 18 (आतंकी कृत्य को भड़काने, साजिश), 20 (आतंकी संगठन का सदस्य होना), 38 (आतंकी संगठन की सदस्यता से जुड़े अपराध) और 39 (आतंकी संगठन का समर्थन करना) के तहत भी आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं.

अंद्राबी का मकान किया गया था जब्त
साल 2019 में एनआईए ने अंद्राबी पर शिकंजा कसते हुए उसका मकान जब्त कर लिया था. यह घर आतंकवाद संबंधी निधि से खरीदा गया था. वहीं, मकान को गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून के तहत जब्त किया गया था. बता दें कि आसिया अंद्राबी इस वक्त दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. उसको कश्मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता माना जाता है. आसिया महिला संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक है. हालांकि भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित कर रखा है. पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी हाफिज सईद आसिया को अपनी मुंहबोली बहन मानता है. आसिया का संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का महिला विंग है. आसिया पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप है. 

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