12.1 C
Delhi
Monday, December 5, 2022
No menu items!

कोरोना से मौत के फर्जी सर्टिफिकेट से मुआवजा लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कैग कर सकता है जांच

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली, 14 मार्च: कोरोना वायरस से मौत का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर मुआवजा मांगने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई थी। केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में ये कहा गया है कि कोरोना से मौत के जाली कागज बनवाकर मुआवजे के लिए दावा किया जा रहा है।

सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी और चिंता का इजहार करते हुए कैग से मामले की जांच कराने के संकेत दिए हैं।

- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा, कोरोना से मौत के लिए 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि दिए जाने के हमारे आदेश का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे हैं, इस पर हम चितित है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से इस मामले की जांच का आदेश दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी दावों को लेकर केंद्र को मंगलवार को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब 21 मार्च को होगी।

क्या कहा है केंद्र ने कोर्ट में

बीते हफ्ते केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि कोरोना से होने वाली मौत के मामले में आश्रित परिजनों को मुआवजा देने में दिक्कत आ रही है क्योंकि कई लोग फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर मुआवजे का दावा कर रहा है। तुषार मेहता ने कहा कि डॉक्टर अन्य कारणों से हुई मौत को भी कोरोना से हुई मौत बताते हुए नकली प्रमाणपत्र दे रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं मुआवजा देने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपए अनुग्रह राशि देने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर केंद्र और राज्य सरकार कोरोना से मरने वालों के परिजनों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने के लिए तैयार हुई थीं। हालांकि सरकार की ओर से इसमें हीलाहवाली देखने को मिली है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी भी जताई थी।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here