इन्फोसिस को लेकर छिड़े विवाद के बीच अब आरएसएस के नेता मनमोहन वैद्य का बयान सामने आया है। संघ समर्थित पत्रिका पांचजन्य के नए कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि धर्मयुद्ध में यदि जरूरी होता है तो हमें विरोध में खड़े श्रेष्ठ लोगों पर भी बाण चलाने होंगे। हालांकि अपने भाषण में आरएसएस के सह सरकार्यवाह ने इन्फोसिस या उससे जुड़े किसी प्रसंग का कोई जिक्र नहीं किया।

हाल ही में पांचजन्य के एक लेख में आईटी कंपनी इन्फोसिस पर सवाल उठाते हुए कहा गया था कि वह देशविरोधी शक्तियों के साथ मिली हुई है। लेख में कहा गया था कि जीएसटी और अब आईटी रिटर्न की वेबसाइट का सही से काम न करना संयोग नहीं हो सकता।

हालांकि इस लेख पर जब आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर से सवाल किया गया तो उन्होंने उससे दूरी बना ली थी। उन्होंने कहा था कि लेख में व्यक्त राय आरएसएस की नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह मानने से भी इनकार कर दिया था कि पांचजन्य आरएसएस का मुखपत्र है।

अब पांचजन्य के नए दफ्तर के उद्घाटन के मौके पर वैद्य ने कहा, ‘आज भी राष्ट्रीय विचार को प्रभावी न होने देने के लिए कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं। लेकिन धीरे-धीरे उनकी शक्ति कम हो रही है। यह लड़ाई लंबी चलने वाली है और पांचजन्य उसका शंखनाद ही है। इस धर्मयुद्ध में ऐसे श्रेष्ठ लोगों पर भी बाण चलाने होंगे, जो धर्म के पक्ष में नहीं है।’

महाभारत का दिया उदाहरण, अर्जुन ने पितामह भीष्म पर भी चलाए थे बाण

मनमोहन वैद्य ने महाभारत का जिक्र करते हुए पितामह भीष्म का उदाहरण दिया। मनमोहन वैद्य ने कहा कि पहला बाण अर्जुन ने उनके चरणों में नमन के लिए छोड़ा और फिर उन पर वार किया। हमको पूरे समाज को जोड़ना है और हम सभी को मानते हैं। हमें कोई भी काम धर्म के हित में ही करना है और बाकी सारा समाज अपना ही है।

भारत के मूल विचार को लेकर हमें सबको साथ लेकर काम करना है और जरूरी है तो फिर धर्मयुद्ध का शंखनाद करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी मूल विचारधारा सभी को साथ लेकर चलने की है, लेकिन धर्मयुद्ध में श्रेष्ठ लोगों पर भी बाण चलाने होंगे।

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