कर्नाटक में हिजाब विवाद के उपरांत अब हलाल मीट का मामला तेजी से बढ़ रहा है. हलाल मीट को लेकर बढ़ रहे विवाद के मध्य फेमस सिंगर लकी अली ने अपनी एक पोस्ट के माध्यम से फैंस को इसका सही मतलब समझाने का प्रयास भी कर दिया है.

लकी अली ने समझाया हलाल का मतलब: जी हां भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव CT रवि ने हलाल की तुलना “इकोनॉमिक जिहाद” के साथ कर दी थी. अब इसपर लकी अली ने अपना रिएक्शन भी दे दिया है. सिंगर और सॉन्ग राइटर लकी अली ने लोगों को हलाल का मतलब समझाते हुए बोला है कि- हलाल का कॉन्सेप्ट सिर्फ मुस्लिम धर्म के मानने वाले लोगों लिए ही लागू होता है.

लकी अली ने लिखा- प्रिय भारतीय बहनों और भाइयों, आशा करता हूं कि आप सभी अच्छे होंगे. मैं आप लोगों को कुछ समझाना चाहता हूं. जो लोग इस्लाम धर्म को नहीं मानते है, हलाल उनके लिए नहीं है. बात सिर्फ इतनी है कि कोई भी मुसलमान तब तक कोई प्रोडक्ट नहीं खरीदता जब तक कि यह साफ न हो जाए कि उस प्रोडक्ट में उन्हीं चीजों के लिए उपयोग किया गया हो, जिनका वो सेवन कर सकते हैं. ये कोशर (Kosher) की तरह है जिसे यहूदी कल्चर में आज भी माना जाता है .

क्या है हलाल?: लकी अली ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा है कि – हलाल एक अर्बी शब्द है, जो इंग्लिश में परमिशन बोलते है, जबकि ‘कोशर’ का मतलब यहूदी कानून के नियमों के अनुसार तैयार किए जाने वाले खाने के लिए उपयोग किया जाता है. लकी अली ने आगे लिखा- अपने प्रोडक्ट्स मुस्लिमों को बेचने के लिए कंपनी ‘हलाल’ और यहूदियों को बेचने के लिए ‘कोशर’ का लेबल लगाकर बेचती है. वरना मुस्लिम और यहूदी वो प्रोडक्ट नहीं खरीदते. अगर कोई ब्रांड अपने प्रोडक्ट से हलाल वर्ड हटाना चाहता है, तो इससे उनके प्रोडक्ट की बिक्री पर ही फर्क पड़ने वाला है.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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