नयी दिल्ली, 25 जून वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ गतिरोध की स्थिति में तुरत-फुरत सक्रियता दिखाने के लिए पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) की सराहना की और उसे सर्वोच्च स्तर की अभियान संबंधी तैयारियां रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

वायु सेना प्रमुख डब्ल्यूएसी के शीर्ष कमांडरों के दो दिनी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यह कमान संवेदनशील लद्दाख क्षेत्र में और उत्तर भारत के अन्य अनेक हिस्सों में देश के वायु क्षेत्र की सुरक्षा संभालती है।

एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कमांडरों को निर्देश दिया कि सभी प्लेटफॉर्म, शस्त्र प्रणालियों और परिसंपत्तियों को अभियानों के लिए सर्वोच्च स्तर पर तैयार रखा जाए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

शुक्रवार को समाप्त हुए विचार-विमर्श के दौरान कमांडरों ने उत्तरी सीमा पर देश के सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वायु सेना प्रमुख ने अपने बयान में उभरते सुरक्षा परिदृश्य का व्यापक विश्लेषण करने, अभियान संबंधी तैयारियों को बढ़ाने तथा मजबूत भौतिक एवं साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत बताई।

वायु सेना ने एक बयान में कहा, ‘‘वायु सेना प्रमुख ने महामारी की अड़चनों के बावजूद हमारे उत्तरी सीमांत क्षेत्रों में हालिया गतिरोध की स्थिति में डब्ल्यूएसी में सभी केंद्रों द्वारा दर्शाई गयी उच्च प्रतिबद्धता तथा त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।’’

पिछले साल पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के बाद से भारतीय वायु सेना ने सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर तथा मिराज 2000 जैसे अपने अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया था। उसके साथ ही पूर्वी लद्दाख तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर प्रमुख वायु सेना केंद्रों में हमलावर हेलीकॉप्टर भी तैनात किये गये।

उन्होने पश्चिम वायु कमान के उड़ान सुरक्षा रिकॉर्ड की भी प्रशंसा की और सभी कमांडरों से सुरक्षित संक्रियात्मक वातावरण के लिए गंभीर प्रयास करते रहने का आग्रह किया।

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