13.1 C
Delhi
Monday, December 5, 2022
No menu items!

ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे और वज्जूखाने को सील करने पर भड़का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, कहा मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा

- Advertisement -
- Advertisement -

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सर्वे का काम पूरा हो गया है. मस्जिद के अंदर लोगों के आने-जाने और वजू करने पर बैन लगा दिया है. इस फैसले के चलते तमाम मुस्लिम धार्मिक संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.

मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहा है. बोर्ड के संस्थापक सदस्य मोहम्मद सुलेमान ने इसे अल्पसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं का हनन बताया. उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का पॉलिटिकल स्टंट है.

- Advertisement -

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्वीट करते हुए एक स्टेटमेंट जारी किया है जिसमें कहा गया है कि ज्ञान वापी मस्जिद और उसके परिसर का सर्वेक्षण करने का आदेश और इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर अभय गृह को बंद करने का निर्देश घोर अन्याय पर आधारित है और मुसलमान इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर करेंगे.

“जज भी इस ड्रामे का हिस्सा हैं”- मोहम्मद सुलेमान
मोहम्मद सुलेमान ने 1991 के धार्मिक स्थलों पर बने कानून का हवाला देते हुए कहा कि देश में इस समय जो भी न्यायाधीश जजमेंट सुना रहे हैं, वो देश के लिए बाद में और अपने लिए पहले सोच रहे हैं. सेशन कोर्ट में जब यह मामला पंहुचा था, तब ही जज को इसे खारिज कर देना चाहिए था. 1991 में पार्लियामेंट में पारित हुए कानून के तहत 15 अगस्त 1947 को जिस हालत में धार्मिक स्थल मिले थे उन्हें वैसे ही रखना है, लेकिन जज साहब ने अपने भविष्य के बारे में सोचते हुए इसकी सुनवाई शुरू करवा दी.

यह जज लोग भी इस ड्रामे का एक अहम हिस्सा है. मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि यह सब आरएसएस द्वारा प्रस्तावित और भाजपा द्वारा एक्टेड स्टंटबाजी है.

सुप्रीम कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा
मोहम्मद सुलेमान ने आगे कहा कि इस देश के जजों को भी कुर्सी और प्रमोशन दिखाई दे रहा है. जिस जज ने राम मंदिर और बाबरी मस्जिद मामले में ताला खोलने का आदेश था, उसे सेशन से प्रमोट करके हाई कोर्ट पंहुचा दिया गया. अगर देश में जो चल रहा है वो ठीक नहीं हुआ, तो यहां के हालात भी श्रीलंका जैसे हो जाएंगे. पूरा देश जलेगा और कोई रोकने वाला नहीं होगा. उन्होंने कहा हम लोग अपनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे क्योंकि यह हमारा हक है.

- Advertisement -
Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here