नई दिल्ली.अक्सर चर्चा में रहने वाला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) एक बार फिर से सुर्खियों में है. विश्वविद्यालय ने अपने एक प्रोफेसर को छात्रों और कर्मचारियों की “धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जानकारी के अनुसार प्रोफेसर ने रेप को समझाने के लिए पौराणिक संदर्भ का इस्तेमाल किया था. प्रोफेसर जितेंद्र कुमार को 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है.

इस खबर में ये है खास-

  • मेडिसिन फैकल्टी का मामला
  • 24 घंटें के भीतर जवाब मांगा
  • कारण बताओ नोटिस जारी

मेडिसिन फैकल्टी का मामला

मामला अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मेडिसिन फैकल्टी का है, जहां पर प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने भारत में रेप और उसके इतिहास को धार्मिक संदर्भ के आधार बताया है. अपने लेक्चर में प्रोफेसर ने भारत में रेप के इतिहास, ब्रम्हा की बेटी का रेप की कहानी, ऋषि गौतम से जुड़े संदर्भ को बताया है. प्रोफेसर के इस कदम से सोशल मीडिया पर इसकी निंदा की जा रही है. 

24 घंटें के भीतर जवाब मांगा

कई लोग तो प्रोफेसर पर पुलिस की कार्यवाई की मांग कर रहे हैं. इसके बाद मेडिसिन फैकल्टी के डॉ जितेंद्र कुमार को 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है. एएमयू ने बुधवार को एक बयान में कहा कि उन्होंने बिना शर्त माफी भी मांगी है. बयान में आगे कहा गया है कि इस मामले को देखने के लिए डीन फैकल्टी ऑफ मेडिसिन प्रोफेसर राकेश भार्गव की सिफारिश पर विश्वविद्यालय द्वारा दो सदस्यीय जांच समिति भी गठित की गई है.

कारण बताओ नोटिस जारी

इस तरह की घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए समिति से कदम उठाने की भी उम्मीद है. विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन और चिकित्सा संकाय ने आज बलात्कार के पौराणिक संदर्भ पर एक स्लाइड की सामग्री की कड़ी निंदा की है. छात्रों, कर्मचारियों और नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए डॉ जितेंद्र कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उनसे 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया है.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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