कर्नाटक में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को लेकर चल रहे विवाद के बीच बेंगलुरु स्थित जामिया मस्जिद के मुख्य इमाम मोहम्मद इमरान रशीदी का बयान सामने आया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर की आवाज कम करने की व्यवस्था कर दी है। हालांकि उन्होंने इसके साथ यह भी जोड़ दिया कि मंदिरों को भी कोर्ट के नियम का पालन करना चाहिए। यह बयान उन्होंने तब दिया जब मस्जिदों को आवाज कम करने के नोटिस मिले हैं।

दरअसल, न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बेंगलुरु स्थित जामिया मस्जिद के प्रमुख इमाम मोहम्मद इमरान रशीदी ने अजान और लाउडस्पीकर पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमने एक उपकरण की व्यवस्था की है जो लाउडस्पीकर से निकलने वाली ध्वनि को आवश्यकतानुसार नियंत्रित करता है ताकि कोई समस्या उत्पन्न न हो। हम कोर्ट द्वारा जारी सभी नोटिसों का पालन करेंगे। इसी तरह मंदिरों को भी इस बात का पालन करना चाहिए।

इमाम का यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक में ध्वनि प्रदूषण को लेकर पुलिस ने मस्जिदों एवं अन्य धार्मिक स्थलों सहित पब को नोटिस भेजा है, जिसमें निर्धारित डेसिबल स्तर के साथ ही लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अकेले बेंगलुरु में ही करीब 250 मस्जिदों को पुलिस के नोटिस मिले हैं। इसके बाद मस्जिद प्रशासन ने ऐसे उपकरण लगाने शुरू किए हैं जिससे ध्वनि का स्तर प्राप्त अनुमति के भीतर रहे। 

इससे पहले कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद ने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को धार्मिक स्थानों, पब, नाइट क्लब और अन्य संस्थानों के अलावा समारोहों में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि कुछ संगठनों ने हाल ही में विभिन्न पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उनसे मस्जिदों से लाउडस्पीकर के ‘दुरुपयोग’ की जांच करने का अनुरोध किया था। संगठनों का आरोप है कि इनकी आवाज अस्पतालों, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों जैसे शांत क्षेत्रों में भी पहुंच रही है।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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