नई दिल्ली: विष्णु विशाल (Vishal Vinshu) की ‘FIR’ 11 फरवरी को रिलीज़ हो चुकी है जिस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ दर्शकों को ये फिल्म काफी पसंद आ रही है तो वहीं तमाम ऐसे भी हैं जो इसमें प्रयोग स्पेशल वर्ड के चलते आलोचना कर रहे हैं. मेकर्स इसके पॉजिटिव रेस्पांस से खुश हैं लेकिन एक कम्युनिटी के लोग इससे एक शब्द हटाने की मांग कर रहे हैं. सिनेमाघरों में फिल्म के रिलीज के बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) ने तेलंगाना सरकार से ‘एफआईआर’ के पोस्टर (FIR Poster) में आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए कहा है.

AIMIM ने FIR के पोस्टर पर जताई आपत्ति
असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के AIMIM ने अरबी में ‘शाहदा’ शब्द के साथ फिल्म के पोस्टर पर कड़ी कार्रवाई की है. संगठन का कहना है कि फिल्म के पोस्टर मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंची है लिहाजा वे इससे शहदा को हटाने को कह रहे हैं. हालांकि, अब तक इस पर मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. शाहदा जिसे इस्लाम में Shahadah से भी प्रोनाउंस करते हैं और यह एक इस्लामी शपथ है, जो इस धर्म के पांच स्तंभों में से एक है और अदन का हिस्सा है.

इसमें लिखा है: ‘मैं गवाही देता हूं कि ईश्वर के अलावा कोई पूजनीय नहीं है, और मुहम्मद ईश्वर के दूत हैं.’ आसान भाषा में शाहदा (शाहदाह) एक ईश्वर (अल्लाह) और उसके दूत में विश्वास की घोषणा के लिए अरबी शब्द है. अब ‘शाहदा’ का फिल्म के पोस्टर पर इस्तेमाल होने से मुस्लिमों को क्यों चोट पहुंची है इस बारे में हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं लेकिन इस एक शब्द से एफआईआर विवादों में आ गई है.

इन देशों में बैन कर दी गई FIR फिल्म
आपको बता दें कि इससे पहले ‘एफआईआर’ को कतर, कुवैत और मलेशिया में रिलीज करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था क्योंकि फिल्म साजिश आतंकवाद के इर्द-गिर्द घूमती है. हालांकि, इसे तमिल और तेलुगु भाषा के कई सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है.

न्यूकमर डायरेक्टर मनु आनंद द्वारा निर्देशित ‘एफआईआर’ में गौतम मेनन, मंजिमा मोहन, रेबा मोनिका जॉन, रायज़ा विल्सन, गौरव नारायणन और अन्य के साथ विष्णु विशाल मुख्य भूमिकाओं में हैं. विष्णु विशाल स्टूडियोज के तहत फिल्म का निर्माण भी किया है और इसमें अश्वथ द्वारा संगीत दिया गया है.

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