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Wednesday, May 22, 2024

शादी के बाद श्याम प्रताप बने उमर, पत्‍नी राजेश्वरी बनी रज़ि‍या, ‘घर वापसी’ के लिए ससुर ने दिया था ईंट भट्ठे का ऑफर लेकिन ठुकराया

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फतेहपुर. यूपी एटीएस (UP ATS) द्वारा अवैध धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार आरोपी उमर गौतम (Umar Gautam) मूल रूप से उत्‍तर प्रदेश के फतेहपुर जिला के ग्राम पंथुआ का रहने वाले है. वह फतेहपुर के क्षत्रिय परिवार से ताल्लुक रखते है और उमर के पिता धनराज सिंह गौतम प्रतिष्ठित क्षत्रिय परिवार से थे जिनकी मौत हो चुकी है.

उमर गौतम सरकारी अधिकारी के पद से रिटायर हुए धनराज के 6 बेटों में से चौथे नंबर के है. इस्लाम कबूलने से पहले उनका नाम श्याम प्रताप गौतम था. 1978 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने के लिए पंतनगर गए थे. गांव वालों के मुताबिक, एग्रीकल्चर की पढ़ाई के बाद उमर गौतम ने अलीगढ़ के एमएमयू से कानून की पढ़ाई की थी.

ससुर ने ‘घर वापसी’ के लिए दिया था ईंट भट्ठा का लालच

उमर गौतम ने एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान ही पास के गांव में क्षत्रिय परिवार की राजेश्वरी से शादी कि थी. बताते हैं कि शादी के कुछ समय बाद ही उमर ने धर्म परिवर्तन किया था और अपनी पत्नी राजेश्वरी को भी धर्म परिवर्तन कराकर रज़िया बनाया. धर्म परिवर्तन की वजह से श्याम प्रताप गौतम उर्फ उमर गौतम को उसके पिता धनराज सिंह गौतम ने परिवार से बेदखल किया था. हालांकि इस दौरान ससुर ने उमर को वापस हिंदू बनने के लिए काफी लालच दिया था. इस दौरान वह एक ईंट भट्ठा भी देने को तैयार थे, लेकिन उमर ने किसी भी कीमत पर ‘घर वापसी’ नहीं स्‍वीकार की थी.

गांव में रहने वाले उमर के चचेरे भाई राजू सिंह ने बताया कि वह (उमर) बहुत कम ही गांव आते थे. गांव के लोगों से उसका कम संपर्क रहता था, लेकिन उसके आने की खबर मिलते ही इलाके के पैसे वाले मुस्लिम उससे मिलने आते थे और अमर के साथ मुस्लिमों की गाड़ियों का काफिला चलता था. गांव वालों ने ये भी बताया कि उमर आसपास के मदरसों में तकरीर भी देते थे।

पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचे थे उमर

उमर के चचेरे भाई राजू सिंह के मुताबिक, उमर के पिता धनराज सिंह गौतम की मौत करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई, लेकिन वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया था. उमर उर्फ श्याम प्रताप सिंह 6 भाइयों में चौथे नंबर के है. पहला भाई उदय राज प्रताप सिंह, दूसरा भाई उदय प्रताप सिंह, तीसरा भाई उदय नाथ सिंह, चौथा उमर उर्फ़ श्याम प्रताप सिंह, पांचवा श्रीनाथ सिंह व छठवें नंबर के स्वर्गीय ध्रुव प्रताप सिंह थे. सभी भाइयों के बीच लगभग 75 बीघा खेत है, जिसका अभी खानदानी बंटवारा भी नहीं हुआ है. सभी भाई बाहर रहते हैं.

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Jamil Khan
Jamil Khan
जमील ख़ान एक स्वतंत्र पत्रकार है जो ज़्यादातर मुस्लिम मुद्दों पर अपने लेख प्रकाशित करते है. मुख्य धारा की मीडिया में चलाये जा रहे मुस्लिम विरोधी मानसिकता को जवाब देने के लिए उन्होंने 2017 में रिपोर्टलूक न्यूज़ कंपनी की स्थापना कि थी। नीचे दिये गये सोशल मीडिया आइकॉन पर क्लिक कर आप उन्हें फॉलो कर सकते है और संपर्क साध सकते है

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