नयी दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसे भारतीयों के लिए बृहस्पतिवार शाम परामर्श की एक सूची जारी की क्योंकि वहां ‘‘संभवत: खतरनाक या मुश्किल स्थिति पेश आने की आशंका है।’’ मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीयों के प्रत्येक समूह या दस्ते को लहराने के लिए एक सफेद झंडा या सफेद कपड़ा रखना चाहिए।

इसमें कहा गया है कि भोजन और पानी बचाएं तथा उसे साझा करें, शरीर में पानी की मात्रा बनाएं रखें, भरपेट भोजन करने से बचें और राशन बचाने के लिए कम खाएं।

मंत्रालय ने कहा कि हवाई हमले, तोपों से गोलाबारी, छोटे हथियारों से गोलीबारी, ग्रेनेड विस्फोट जैसी कुछ संभावित खतरनाक या मुश्किल स्थिति हैं, जिनके खारकीव में पेश आने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि खारकीव में फंसे भारतीय चौबीसों घंटे अपने पास आवश्यक वस्तुओं की एक छोटी किट रखें।

मंत्रालय ने सुझाव दिया कि आपात स्थिति उपयोग किट में पासपोर्ट, पहचान पत्र, जरूरी दवा, जीवन रक्षक दवा, टॉर्च, दियासलाई, लाइटर, मोमबत्ती, नकदी, पावर बैंक, पानी, प्राथमिक उपचार किट, दस्ताने, गर्म जैकेट आदि चीजें होनी चाहिए।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यदि आप खुद को खुले स्थान या मैदान में पाएं तो बर्फ पिघालकर पानी बनाएं।’’ रोमानिया, हंगरी और पोलैंड जैसे यूक्रेन के पश्चिमी पड़ोसी देशों से होकर 26 फरवरी से भारत अपने नागरिकों को निकाल रहा है।

हालांकि, भारतीयों का एक वर्ग-विशेषकर छात्र-खारकीव में फंसे हुए हैं, जो रूसी सीमा के नजदीक पूर्वी यूक्रेन में है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि वहां भारतीय खुद को छोटे समूहों या 10 भारतीय छात्रों के दस्ते में रखें। साथ ही, हर 10 लोगों के समूह में एक समन्वयक और एक उप समन्वयक रखें। मंत्रालय ने कहा कि मानसिक रूप से मजबूत रहें और दहशत में नहीं आएं। 

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाएं। विवरण, नाम, पता, मोबाइल नंबर और भारत में अपने संपर्क को संकलित करें। मंत्रालय ने सुझाव दिया कि व्हाट्सऐप पर अपनी भोगौलिक स्थिति को दूतावास या नयी दिल्ली में स्थित नियंत्रण कक्ष से साझा करें और हर आठ घंटे पर सूचना अद्यतन करें।

मंत्रालय ने खारकीव में फंसे भारतीयों से अपने मोबाइल फोन से अनावश्यक ऐप हटा देने और बैटरी बचाने के लिए फोन पर बात कम करने तथा उसकी ध्वनि कम रखने को कहा है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों को निर्धारित क्षेत्र में, बेसमेंट या बंकर में रहना चाहिए। मंत्रालय ने कहा, ‘‘रूसी में दो या तीन वाक्य बोलना सीखें (उदाहरण के तौर पर: हम छात्र हैं, हम लड़ाके नहीं हैं, कृपया हमे नुकसान नहीं पहुंचाइए, हम भारत से हैं)।’’ इसने सुझाव दिया है कि संक्षिप्त नोटिस पर दूसरी जगह जाने के लिए तैयार रहें। मंत्रालय ने कहा कि सैन्य वाहनों या सैनिकों के साथ या जांच चौकी पर या मिलीशिया के साथ तस्वीरें या सेल्फी नहीं लें।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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