80 के दशक में साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में निशा नूर का सिक्का चलता था। कमल हासन जैसे कई स्टार्स के साथ निशा ने काम किया। 18 सितंबर को निशा का जन्मदिन है। निशा का फिल्मी करियर चमकदार रहा लेकिन उनकी असल जिंदगी किसी काले घने अंधेरे से कम नहीं थी। निशा का जन्म साल 1962 को तंबरम में हुआ था। निशा अगर आज जिंदा होतीं तो अपना 59वां जन्मदिन मना रही होतीं।

दर्दनाक हालत में हुई थी मौत
निशा नूर बेशक आज इस दुनिया में नहीं है लेकिन इनकी जिंदगी की सच्चाई जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। साल 2007 में निशा नूर को एक दरगाह के बाहर पाया गया था। उस समय निशा नूर के बदन पर कीड़े और चींटियां रेंग रही थीं, उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं था।

फिल्मी सफलता के बावजूद निशा की जिंदगी वीरान और दर्दभरी ही रही। दरगाह के बाहर जब निशा मिलीं तो पहली बार में तो कोई उन्हें पहचान ही नहीं पाया। अस्पताल लाने पर पता चला कि निशा को एड्स है और इसके चलते उनकी हालत और खराब होती चली गई…और फिर साल 2007 में निशा नूर ने इस दुनिया से चली गईं। 

निशा नूर ने कई हिट फिल्मों में काम किया जिसमें 1981 की फिल्म ‘टिक! टिक! टिक!’, 1990 में फिल्म ‘अय्यर द ग्रेट’, 1986 की फिल्म ‘कल्याणा अगातिगल’ शामिल रहीं। ये वो फिल्में थीं जिसने टिकट खिड़की पर भी कमाल का प्रदर्शन किया था। निशा एक्टिंग तो बढ़िया करती ही थीं, वो बेहद सुंदर भी थीं। लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब रहते थे। लेकिन कौन जानता था एक समय में इतनी हिट रहीं निशा का आखिरी वक्त इतना दर्दभरा होगा।

निशा ग्लैमर की दुनिया में ज्यादा दिनों तक नहीं रहीं। रातों रात मिली लोकप्रियता जब कम होने लगी तो उन्हें काम मिलना बंद हो गया। इस वजह से उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ दी। पैसों की दिक्कत के चलते निशा अचानक कही गायब हो गईं, खबरें ये तक आईं कि किसी ने उन्हें वेश्यावृत्ति के दलदल के धकेल दिया था। कहा तो ये भी जाता है कि यहीं से निशा को एड्स जैसी जानलेवा बीमारी हुई।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इंडस्ट्री में उनका काफी शोषण किया गया था। और जब वह दुनिया के सामने आईं तो किसी ने उन्हें पहचाना तक नहीं। आखिरकार 2007 में कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद उनकी मौत हो गई। आज भी फैंस निशा की फिल्में देखकर उन्हें याद करते हैं।

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