जेल में बंद माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी को करीब 17 साल जेल में बिताने के बाद जमानत मिल गई है।

यहां की एमपी-एमएलए अदालत ने मुख्तार को जमानत दे दी और उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।

मुख्तार अंसारी को 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में उनकी कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया गया था और वह तब से सलाखों के पीछे थे।

पिता की रिहाई में देरी होते देखकर उनके बेटे अब्बास अंसारी मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपनी मऊ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पांच बार के विधायक हैं और 1996 से मऊ सदर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

वर्षों से जेल में बंद मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि मुख्तार अंसारी अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे क्योंकि उनके ऊपर कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। 2011 के गैंगस्टर के एक मामले में मुख्तार अंसारी जेल में बंद थे।

एक टीवी चैनल से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि मुख्तार अंसारी को जमानत मिल गई है लेकिन अन्य मुकदमे भी उनके ऊपर दर्ज हैं इसलिए वे अभी जेल के बाहर अभी नहीं आ सकते हैं। ओपी सिंह ने कहा कि मुख्तार अंसारी को जमानत मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है, इसके खिलाफ अपील होनी चाहिए।

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