लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के लिए मंगलवार का दिन मंगल नहीं, बल्कि अशुभ साबित हुआ।

महज चार घंटों के भीतर बीजेपी के 5 विधायकों ने कमल का फूल छोड़कर समाजवादी पार्टी की साइकिल में सवार होने का निर्णय लिया है। इन विधायकों में सबसे महत्वपूर्ण चेहरा योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य रहे। उनके अलावा तिलहर से बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा भी मौर्य के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। 

वहीं बांदा की तिंदवारी सीट से BJP विधायक ब्रजेश प्रजापति और बिल्हौर से BJP विधायक भगवती सागर ने भी इस्तीफा दे दिया है। साथ ही विधूना (औरैया) से विधायक विनय शाक्य ने भी अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी विधायकों का पार्टी को छोड़कर जाना यह भाजपा के लिए अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि विधायकों के इस्तीफे के पीछे सबसे बड़ा कारण पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी उपेक्षा है। 

उधर, समाजवादी पार्टी में शामिल हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अभी बीजेपी के 10 से 12 विधायक पार्टी छोड़कर सपा में शामिल हो सकते हैं। चुनाव से पहले यूपी की सियासत में आए इस बवाल के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ट्वीट किया है और उनसे एक बार फिर बैठकर बात करने की बात कही है और उनके फैसले को जल्दबाजी से भरा फैसला बताया है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के बाद, इस्तीफों की आई बाढ़ ने बीजेपी की चिंता जरूर बढ़ाई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने मौर्य ने कहा कि सत्ता के लालच में माफिया गुंडा दंगाई किसी को भी अखिलेश जी सपा में शामिल कर रहे हैं और लोगों की सुरक्षा और आस्था से खिलवाड़ करना इनकी पुरानी आदत है। ये नयी नहीं, ये वही सपा है।

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