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Wednesday, April 17, 2024

वो 10 घातक हथियार जो मुगलों की ताकत का अहम हिस्सा थे, जिनके बल पर कई बड़े युद्ध जीते गए

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विश्व का इतिहास कई बड़े साम्राज्यों से भरा पड़ा है. इसमें एक नाम मुग़लों का भी शामिल है. वहीं, भारतीय इतिहास से ये नाम भीतरी तौर से जुड़ा है. इसके बिना भारत का इतिहास अधूरा है. इस साम्राज्य का संस्थापक था बाबर, जो कि प्राचीन उज़्बेकिस्तान का रहने वाला था. इसने पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर दिल्ली में मुग़ल साम्राज्य की नींव(1526 में) रखी थी. इसके बाद साम्राज्य अंतिम शासक बहादुर शाह ज़फ़र का चल पाया और बाद में इसका पतन हो गया. अकबर, औरंगज़ेब व शाहजहां जैसे नाम इस साम्राज्य से जुड़े हैं.  

ये साम्राज्य कई सालों तक चला और अपना निरंतर विस्तार करता रहा. इसके पीछे इनकी ख़ास रणनीति, जज़्बा व विशाल सेना थी. लेकिन, ख़ास हथियारों के बिना ये सब संभव नहीं था. मुग़लों को लड़ाई में जीत दिलवाने वाले हथियार काफ़ी घातक और ख़तरनाक थे. आइये, आपको दिखाते हैं और बताते हैं मुग़लों के उन ख़तरनाक हथियारों के बारे में. 

1. ज़ुल्फ़िकार 

मुग़लों द्वारा इस्तेमाल की गई सबसे घातक तलवारों में से एक. ये पारंपरिक तलवारों से अलग थी क्योंकि इसके आगे का भाग कुछ कैंची की तरह बनाया गया था.  

2. दारा शिकोह के खंज़र और तलवारें

तस्वीरों में आप जिन तलवारों और खंज़रों को देख रहे हैं, वो दारा शिकोह द्वारा इस्तेमाल किए गए थे. दारा शिकोह मुग़ल शासक शाहजहां के बड़े बेटे और और उनके उत्तराधिकारी थे. ये हथियार लंदन के एक म्यूज़ियम में रखे गए हैं.  

3. मुग़लिया ढाल

तलवार के साथ इस्तेमाल होने वाली मुग़लिया ढाल. जिसका काम होता था बचाव करना और समय आने पर इससे दुश्मन पर वार भी किया जाता था. ये काफ़ी बड़ी होती थीं और इसका वज़न भी योद्धा के अनुसार होता था. सैनिकों और शासक की ढाल में काफ़ी अंतर देखा जाता था.  

4. गदा 

अन्य हथियारों के साथ इस तरह की गदाओं का इस्तेमाल भी मुग़लों द्वारा किया जाता था. ये आकार और वज़न में अलग-अलग होती थीं और ख़ास धातु से तैयार की जाती थीं.  

5. कुल्हाड़ी और अन्य हथियार 

लड़ाइयों में कल्हाड़ी और तस्वीर में दिख रहे अन्य हथियार भी शामिल किए जाते थे. इनका इस्तेमाल सैनिक अलग-अलग तरीक़े से करता था.  

6. राइफ़ल 

मुग़लों के वक़्त राइफ़ल का भी इस्तेमाल किया गया था.

7. डैगर (एक प्रकार का खंज़र) 

मुग़लों के समय ऐसे ख़ातक खंज़रों का भी इस्तेमाल किया जाता था. इस तरह के खंज़रों का इस्तेमाल पास से या इन्हें दुश्मन की तरफ़ फेंक कर किया जाता था.  

8. मुग़लिया धनुष 

मुग़लों के हथियारों की लिस्ट में मुग़लिया धनुष भी शामिल हैं. कम दूरी से वार करने के लिए इनका इस्तेमाल ज़्यादा किया जाता था.  

9. तोप

मुग़लों की ताक़त मानी जाती थी तोप. माना जाता है कि बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी के विरूद्ध तोप का इस्तेमाल किया था. कहते हैं कि बाबर की तोपों की आवाज़ से इब्राहिम लोदी के हाथी डर गए थे. भारी नुकसान पहुंचाने के लिए व मज़बूत दीवारों को तोड़ने के लिए तोप का इस्तेमाल किया जाता था.  

10. रॉकेट  

मुग़लों की सेना में बाद में रॉकेट्स भी शामिल किए गए थे. इन ख़तरनाक हथियारों ने मुग़लों की ताक़त को बढ़ाने का काम किया था.  

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